
“इश्क़बाज़” टाइटल पर दिल को छू लेने वाली, मौलिक और यूनिक 25 प्यार-भरी शायरियाँ प्रस्तुत हैं—जो सच्चे इश्क़बाज़ों के चेहरे पर मुस्कान और दिल में हरारत दोनों भर दें 💖💘 इश्क़बाज़ 💘
हम इश्क़बाज़ हैं साहब,मुनाफ़ा नहीं, मुक़द्दर बदलते हैं।
उसकी एक मुस्कान पर,हमने पूरी ज़िंदगी गिरवी रख दी।
इश्क़ करना आदत नहीं हमारी,ये तो रूह की फितरत बन चुकी है।
वो नज़रें झुका ले तो क्या गिला,हम तो उसकी खामोशी पर भी मरते हैं।
हम इश्क़ में बदनाम सही,मगर बेवफ़ा कभी नहीं हुए।
जिसे दुनिया खेल समझती है,हमने उसे इबादत बना लिया।
उसके नाम से शुरू हो,और उसी पर खत्म हो—हमारा हर ख्वाब ऐसा ही इश्क़बाज़ है।
हमने छोड़ी नहीं कोई चाहत,बस एक शख़्स में समेट ली।
वो पूछते हैं इश्क़ क्या है,कभी हमारे दिल से मिलकर देखो।इ
श्क़बाज़ हैं हम,इसलिए हर दर्द भी शायरी बन जाता है।
उसके होने भर से,ज़िंदगी का शोर भी सुकून बन गया।
हम इश्क़ में हिसाब नहीं रखते,बस दिल लुटाना जानते हैं।
इश्क़बाज, ishkbaj.com
सकी एक “हाँ” के लिए,हमने कितनी ही “न” सह लीं।
इश्क़ का हुनर ये है,कि शिकायत भी दुआ लगती है।
वो रूठे तो डर लगता है,क्योंकि हमारी दुनिया वही है।
हम इश्क़बाज़ ज़रा अलग हैं,हमें पाना नहीं, निभाना आता है।उ
सके नाम की आदत ऐसी लगी,कि हर दुआ में वही निकलता है।
हमने इश्क़ को मजबूरी नहीं,खुशनसीबी माना है।
वो सामने हो तो लफ़्ज़ खो जाएँ,और दूर हो तो शायरी बन जाए।
इश्क़बाज़ वही होता है,जो टूटकर भी दुआ करता है।
उसके साथ बिताया हर पल,हमारे लिए उम्र भर की दौलत है।ह
म इश्क़ में हार कर भी जीते हैं,क्योंकि मोहब्बत हमारी जीत है।वो हमारी कहानी कासबसे हसीन अध्याय है।
इश्क़ ने हमें इतना अमीर बना दिया,कि अब दिल के सिवा कुछ चाहिए ही नहीं।
हम इश्क़बाज़ हैं जनाब,दिल देते हैं—शर्तें नहीं। ❤️

